Rail passenger in Odisha 2023

 Rail passenger in Odisha 2023

Rail passenger in Odisha 2023 ओडिशा में 3 ट्रेनों की टक्कर के बाद बिखरी बोगियों और उखड़ी पटरियों के बीच बेहद दर्दनाक मंजर दिखाई दे रहा है. यहां से लाशें निकाल ली गई हैं, घायल अस्पताल में हैं, लेकिन हादसे के निशान अब भी हैं. बालासोर ट्रेन हादसे के बाद यात्रियों का सामान पटरियों पर इधर-उधर पड़ा है. पटरियों के बीच एक डायरी भी पड़ी है। हवा से लहराते हैं डायरी के पन्ने.. जिनके पन्नों पर किसी ने किसी के लिए मोहब्बत का पैगाम लिखा था।

अब हादसे के बाद ये संदेश उस तक कभी नहीं पहुंचेगा जिसके लिए किसी ने अपने हाथ से बांग्ला में ये कविताएं लिखी हों. डायरी के फटे पन्ने के एक तरफ हाथियों, मछलियों और सूरज की रेखाचित्र हैं। किसी यात्री ने उन्हें यात्रा के दौरान अपने खाली समय में जरूर लिखा होगा। हालांकि अभी तक इस यात्री की पहचान नहीं हो पाई है।

Rail passenger in Odisha 2023

 

पन्नों पर उड़ती कविता- … अचिस तुई मोनेर साठे

कविता कुछ इस तरह है, “अल्पो अल्पो मेघा थके, हल्का ब्रिस्ती होय, चोटो चोटो गोलपो ठके भालोबासा सृष्टि होय” (स्थिर बादलों से सुनी कहानियों में प्रेम की कलियाँ खिलती हैं)। इन पेजों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। एक और अधूरी कविता कहती है, “भालोबेशी तोके चाई साराखोन, अचिस तुई मोनेर साठे… (मुझे हर समय आपकी जरूरत है, आप हमेशा मेरे दिल और दिमाग में हैं)।

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- ये कविताएं प्यार में डूबाकर लिखी गई हैं

सोशल मीडिया पर लोगों ने इन कविताओं पर कहा कि किसी के प्यार में डूब कर लिखी गई ये पंक्तियां दिल को छलनी कर देने वाली हैं, अरे! कैसी पहेली है जिंदगी। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी तक डायरी पर दावा करने कोई नहीं आया है। लेखक को क्या हुआ? इसकी भी कोई जानकारी नहीं है।

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